• A-001. एक बार तो सपने

    एक बार तो सपने हम ने भी संजोए थे

    एक बार तो सपने हम ने भी संजोए थे। सः 2013 में जब मेरी पोती सुमित गोगिया ने अपनी पहली कविता संग्रह 'ख्वाहिश' का विमोचन किया था। तब मैंने बहुत लम्बे अरसे के बाद कविता की चन्द लाइनें लिखी जो कि 42 सालों के बाद एक नयी शुरुआत थी। जिसके फलस्वरूप मेरी पहली कविता संग्रह आज आपके सामने है।... more »

  • A-002. आज मेरी कविता मेरे पास वापस आई है

    आज मेरी कविता मेरे पास वापस आई है-18-4-15-7: 29 AM

    आज मेरी कविता मेरे पास वापस आई है
    पलकें नीचें हैं, थोड़ी घबराई है ... more »

  • A-003. क्यूँ करते रहते हो इशारे

    क्यूँ करते रहते हो इशारे 5.12.15—6.21 AM

    क्यूँ करते रहते हो इशारे
    जब पास आना नहीं है... more »

  • A-004. कि तुम कहाँ हो

    कि तुम कहाँ हो 12.9.16—7.25 AM

    मेरे इतने करीब आओ
    कि मुझमें समा जाओ... more »

  • A-005. भींगे चोली उड़े चुनरिया

    भींगे चोली उड़े चुनरिया 21.7.16—7.00AM

    भींगे चोली उड़े चुनरिया
    सावन की ऋतू आयी रे... more »

  • A-006. वो कौन थी

    वो कौन थी 29.2.16—11.36 AM

    वो कौन थी....
    मदिरा थी या प्याला थी... more »

  • A-007. अच्छा लगता है

    तेरा करीब आना और फिर मुस्कराते जाना
    नज़रों को करीब लाना और मुझको बुलाना
    थोड़ा सा प्यार करना फिर और भी जताना
    खामोश निगाहों से देखना और उनको चुराना... more »

  • A-008. नज़रें चुराते चुराते

    नज़रें चुराते चुराते 20.7.16—4.58AM

    नज़रें चुराते चुराते दिल चुरा बैठे
    बातों ही बातों में अपना बना बैठे... more »

  • A-009. क्या इसी को प्यार कहते हैं

    क्या इसी को प्यार कहते हैं 8-7-15—6.45 AM

    वो धक्कम धकेल
    वो चूहों का खेल... more »

  • A-010. मेरा संगीत हो

    मेरा संगीत हो 22.6.16—4.35 AM

    जिंदगी के कुछ छणों को बेशक उधार लो
    बहुत ज्यादा न सही बेशक कभी कभार लो... more »

  • A-011. आँखों में छुपा लो

    आँखों में छुपा लो 31.7.16—9.35AM

    आँखों में छुपा लो मुझे कजरा बना के
    रह लेंगे सारी उमर तेरे नयनों में आ के... more »

  • A-012. जब तुम आये थे

    जब तुम आये थे 10.5.16—7.20 AM

    जब तुम आये थे मचलते हुए मेरी बाँहों में
    कितनी ख़ुशी बिखरी थी न तेरी अदाओं में... more »

  • A-013. बन ठन के गोरी

    बन ठन के गोरी 23.7.16—6.42AM

    बन ठन के गोरी नाचे है
    नयनों में कजरा बाचे है... more »

  • A-014. डर लगता है तेरे पास आने में

    डर लगता है तेरे पास आने में 24.4.15- 4.15 AM

    डर लगता है तेरे पास आने में
    आने हँसने और मुस्कुराने में... more »

  • A-015. रात अभी बाकी है

    रात अभी बाकी है 25.1.16—2.54 AM

    रात अभी बाकी है संवाद अभी बाकी है
    थोड़ा और इन्तज़ार शराब अभी बाकी है... more »

  • A-016. खुश रहो बेशक दूर रहो

    खुश रहो बेशक दूर रहो 17.9.16—10.57 PM

    खुश रहो बेशक दूर रहो
    तुम तो केवल मुस्कराया करो... more »

  • A-017. हर पल

    हर पल को यादगार बनाने के 6.8.16—5.54AM

    मैं इतनी दूर निकल जाउँगा
    तेरे सपनों में भी नहीं आऊँगा... more »

  • A-018. एक दाग़ ढूँढता रहा

    एक दाग़ ढूँढता रहा 31.7.16—7.24AM

    एक दाग़ ढूँढता रहा कहीं तो हो
    ख़ूबसूरती का राज कहीं तो हो... more »

  • A-019. हाथ क्यों छुड़ाते हो

    हाथ क्यों छुड़ाते हो
    दूर भी नहीं जाते हो
    क्यों अश्क बहाते हो
    गले भी लग जाते हो... more »

  • A-020. कैसी है तूँ

    कैसी है तूँ 19.8.16—7.51 AM

    तलब सी रहती है जाने बिना
    तेरे चेहरे पे नज़र थी... more »

  • A-021. कभी कभी आया करो

    ऐसे ही कभी कभी आया करो 30.7.16—3.38AM

    ऐसे ही कभी कभी आया करो
    बाँहों में मेरी समा जाया करो... more »

  • A-022. न किसी से शिकवा

    न किसी से शिकवा
    13.8.16—10.47 PM

    न किसी से शिकवा... more »

  • A-023. कभी लौट के आना

    कभी लौट के आना 13.3.16—6.43 PM

    कभी लौट के आना मेरी जिन्दगी में
    एक एक पल, का हिसाब मिलेगा... more »

  • A-024. एक रात मैं

    एक रात मैं 2.4.16—6.17 AM

    एक रात मैं यूँ ही तन्हा हो गया
    तेरे ख्यालों में था कहीं खो गया... more »

  • A-025. मेरे आने से

    मेरे आने से 04.09.2016—2.30 PM

    मेरे आने से क्या हो गया है
    कैसे यह बवाल हो गया है... more »