(28/08/1964 / new delhi)

अच्छा

अब तो इच्छाए प्रबल हो रही है।

चाहते अपने अधिकारों को पाने की ।

छल और कपट को दूर कर ।

सब कुछ पा लेने की।

अभी तो यह शुरूवात है ।

चेन से अब नहीं बैठने वाले नही हम।

छीन लेंगे सारे अधिकार।

अच्छा करने की चाहत प्रबल हो गयी है।

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Comments (2)

Verily, doing good with a good intention and in an honest way is always good......10
Having wish for doing good is very interesting definitely. Very wise sharing really; y....10