आप कहाँ जाएंगे

आप कहाँ जाएंगे

पहले फिसलना
फिर यह कहना
ना माना दिल का कहना
ऊपर से यह पानी का बहना

खोया था होश पहले से
हार गयी थी में नेंहले पे देह्ले से
अंजाम इतना चुभावना होगा मालूम न था
पर लुभावना भी इतना मासूम होगा यह तो मालूम था

बस अब तो आ जाओ
सपने में ना सताओ
ज्यादा मत रुलाओ
और मन को आस दिलाओ।

'प्यार करना बुरा है ' यदि
तो जीना भी मुश्किल है माझी
हम तो समल भी जाएंगे
पर आप कहाँ जाएंगे?

by Hasmukh Amathalal

Comments (0)

There is no comment submitted by members.