इशारा कर दिया होता

देखा जो तुमने मुझे, कुछ इशारा कर दिया होता।
जुबाँ खोलक बुला मुझे, खुद को मेरा किया होता।।
जहाँ भी जान जाती यह, तुझे था प्यार जनमों से।
शमा दोनों मिलकर जला लेते, दीदार सहारा लिया होता।।
जमीन उठती है, आसमाँ नीचे हुआ जाता है।
दोनों दिल उमड़ पड़ते हैं, मिलन हुआ जाता है।।
·

by Dr. Navin Kumar Upadhyay

Comments (0)

There is no comment submitted by members.