, तब करोगे सलाम,

तुम मेरे घर आओगे, तब करोगे सलाम,
कहीं और मिल जाओगे तो मतलब नहीं।
आओगे मेरी निगाह के सामने,
बनाओगे मेरी आँखों को आईने,
मतलब से मतलब बस यार,
कहीं और मिलोगे तब कोई मतलब नहीं, ...
मिलोगे मुझसे जब, ललक दिखाओगे ऐसे,
जुदाई न तनिक भी भाती तुमको,
कैसे पल बीतेंगे मेरे बिना,
तनिक देर बाद कोई मतलब नहीं, ....
जिन्दगी के पल दो-चार दिन के यार,
नहीं जीना किसी को बरस हजार,
भाग-दौड़ दुनिया मे किस लिए,
निगाह बदलने मे क्या कोई दिल में हरकत नहीं.

by Dr. Navin Kumar Upadhyay

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