बड़जोर बसँत उमग्यो,

बड़जोर बसँत उमग्यो,
पथिक प्रेमवश भयो,
युवती अँकवार भर्यो,
मिलन हेतु मन उमग्यो।

by Dr. Navin Kumar Upadhyay

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