अपनों की पहचान कर

अपनों की पहचान कर पाता मुश्किल से कोई,
पय में रहते वारिधार, परिवार सम प्यार समोई।
लेकिन खटाई - खटास यदि एक बूँद जो जाये,
तुरन्त होते साफ प्यार, कितनी गहरी मन गोई।।

by Dr. Navin Kumar Upadhyay

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