All Dogs Go To Heaven

Poem By Randy McClave

हम अनजाने, तुम भी न पहचाने,
फिर अनजान राह कैसे आ जाते हो;
कभी न देखा तुमने, कभी न देखा मैंने,
एक -दूजे के प्राण कैसे बन जाते हो।।

कभी न बुलाया कोमल करतल से कभी,
लेकिन चारों ओर तेरा ही अरुणिम तल;
हम समझ न पाते तेरी हथेली के इशारे,
लेकिन बीतता न मेरा तेरे बिना एक पल।।

केवल तेरी साँसों का सरगम सुनाई पड़ता,
नीरव पल में भी मुझे ही केवल बुला रहा ।
मौन में भी मृदु मुखर रव बोल रहा सदा,
अपने मृदुल अँकवार में ही बस सुला रहा।।

दुनिया के सामने आने में तुझे डर लगता,
तब कभी सामने मत तुम आकर ही बताना;
मन मेंं अपना लेना मुझको अपनी नजर में,
"नवीन"कर लेना दुनिया के सामने बस बहाना।।

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