मदहोश हैं तेरी बातों में बेहोश हम नहीं

वक़्त थम सा गया साँसों से बेचैनी चुराकर.,
तेरी आँखों में खोकर जिंदगी को होश अब नहीं

करतें हैं कोशिश गुजर जाने की लम्हे,
मदहोश हैं तेरी बातों में बेहोश हम नहीं!

by Yashvardhan Goel

Comments (1)

प्रेम में खो जाने का अनुभव तथा बेख़ुद भावनाओं की सुन्दर अभिव्यक्ति. धन्यवाद, मित्र.