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दीपों की रौशन रौशनी! !
( / Brijghat)

दीपों की रौशन रौशनी! !

Poem By Yashvardhan Goel

उतर कर दिलों में, अंधेरो की बैरी रौशनी
जगमगाती आशा भरे, खुशियां भरे ये रौशनी!
ये रौशनी रौशन रहे, रौशन करे हर रौशनी
दीपों से रौशन रौशनी, दीपों की रौशन रौशनी! ! ....

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Maya Angelou

Caged Bird

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