दीपों की रौशन रौशनी! !

उतर कर दिलों में, अंधेरो की बैरी रौशनी
जगमगाती आशा भरे, खुशियां भरे ये रौशनी!
ये रौशनी रौशन रहे, रौशन करे हर रौशनी
दीपों से रौशन रौशनी, दीपों की रौशन रौशनी! ! ....

by Yashvardhan Goel

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