क्यों बने थे दिल का सहारा जवाब दो

क्यों बने थे दिल का सहारा जवाब दो.
अब कहां है वो प्यार तुम्हारा जवाब दो..! ! !

वो नजर का चुराना, फिर कुछ यूँ मुस्कुरा देना.
वो इश्क ही था या फकत अहसान तुम्हारा जवाब दो...! ! !

हम तो सह ना सकेगें, जुदाई का गम.
ये कौल था मेरा या तुम्हारा जवाब दो..! ! !

किश्ती से उतार कर महबूब मेरे इतना तो बोल दो.
अब हमें किस ओर मिलेगा किनारा जवाब दो..! ! !

यहाँ इक तरफ जिन्दगी और इक तरफ मौत है.
अब किस तरफ करोगे इशारा जवाब दो...! ! !

by Abhishek Omprakash Mishra

Comments (2)

I thoroughly enjoyed reading this gazal. I look forward to reading more such gazals in future.
Oh to pataa nahin, par Abhisekh ji, ye to sandaar hi sandaar. Excellent composition asking why were my support of life you answer me and answer me. Beautiful poem of love and affection shared on.