नन्हे नन्हे प्यारे प्यारे

नन्हे नन्हे प्यारे प्यारे
फुल खिले है
घर के आँगन में
नन्ही सी दुनिया में
धरती पे आये उतर
गगन के सितारे
है हर्ष उल्लास मन में
आई नई खुशिया जीवन में
भैरों गुण गुना रहे है
कालिया खिलखिला रही है
हिल रही है डाली-डाली
कुक रही है कोयल काली
आई नई खुशिया जीवन में
खिले नए फुल बगिया में
शशिकांत निशांत शर्मा ‘साहिल'

by Shashikant Nishant Sharma

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