लखु दुलहा चारों मनभाविनया हे।

लखु दुलहा चारों मनभाविनया हे।
चारों बनरा सुषमा अति सुन्दर
मधुर मदन लजावनिया है।
शीश सोहत मौर झालर मनहर
भाल तिलक सुख बरसावनिया हे।
काले कजरारे केश भ्रमवरवत लहरत
दरशत रिपु हहरावनिया हे।
मृदुल कपोल मनोज चित्र अपहरत
चिबुक शोभा मैथिल सुख सरसावनिया हे।
नैैनन राजत काले कजरारे तिरीछे
लजावत कामदेव सरासनिया ह।
नासामणि दमकत जनु दुति दामिनी।
चित्र हरत गजगामिनियाॅ हे।
अधराधर करतल रूमाल सोहत
मुद्रिका मणि प्रभ हरसावनियाँ हे।
सोहत पीत पुनीत धोती पहिरे
मोहत पीत पट फहरावनिया हे।
सोहत महावर युत पद परम मनोहर
महामुनि मन मोद ‘नवीन' बढ़ावनिया हे।

by Dr. Navin Kumar Upadhyay

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