• ऊच नीच का पापड़ा

    मैं पीछे हटा और
    तू आगे बढ़ा
    मुझे हटा हटा के
    तू आगे बढ़ा... more »

  • जब लिखना भा गया

    लिखते लिखते इतिहास लिखूंगा!
    दर्द- ए- दवात कि स्याही से वो काली रात लिखूंगा
    इस सर्दी कि धुप में एक नया साँस लिखूंगा
    बीते सालों कि राज कि बात लिखूंगा... more »

  • महरबान जिंदगी

    महरबान जिंदगी


    हर परिंदा उड़ता असमान है,... more »