• कर लेते हैं कुछ बात प्रिये

    अनचाहे जब मिल ही गए हैं,
    कर लेते हैं कुछ बात प्रिये.
    अपना हाल सुनाओ तुम,
    यहाँ बद-से-बदतर हालात प्रिये.... more »

  • तू मेरी, बस मेरी है

    तू मेरी और बस मेरी है,
    काश ये तुझको जता पाता,
    मेरे दो जहाँ तुझसे हैं,
    काश ये तुझको बता पाता.... more »

  • तुझमे अब वो बात कहाँ

    बेशक तू बिकती होगी,
    तुझमे अब वो बात कहाँ...
    प्यार तुझसे अब भी है,
    खरीदूँ ये औकात कहाँ...... more »

  • दर्द

    मैं भी सिसकी लेता हूँ, और
    मेरा दिल भी रोता है,
    मर्द हूँ तो क्या हुआ,
    इंसान तो हूँ...... more »

  • दौलत यहाँ सब कुछ नहीं होती

    दौलत यहाँ सब कुछ नहीं होती,
    सुना है ऊँची दीवारों वाले भी रोते बहुत हैं.
    जिंदगी जीने की जद्दोजहद तो देखो,
    जिद ने जरूरतों से समझौता कर लिया.... more »

  • परिंदा

    सभी परिंदे की बाट जोहते,
    क्या अपनों से दूर रह पायेगा?
    जो उड़ा परिंदा घर से अपने,
    फिर लौट के घर को आएगा.... more »

  • बदनाम

    नाम तो अपना तब भी नहीं था,
    जब शरीफों में गिनती थी,
    अब ‘आशिकी' पाली है साहिब तो,
    कम से कम बदनाम तो हुए.... more »

  • मैं आया नहीं बुलाया गया हूँ

    मैं आया नहीं, बुलाया गया हूँ.
    इन्कलाब नहीं हूँ, जलाया गया हूँ.
    यूँ ही नहीं बैठा इस मरघट में....
    हजारों दफा दफनाया गया हूँ.... more »

  • मुझको चंद और साँसे बक्श ऐ खुदा

    मुझको चंद और साँसे बक्श ऐ खुदा,
    सुना है उसे मेरे चाहत का खबर हो चला है.
    की तेरे जन्नत की चाह नहीं मुझको,
    मुझे उस जमीं पर रख,... more »

  • मेरी ख़ामोशी

    जो मेरी ख़ामोशी तुम पढ़ पाती,
    तुम दूर कहाँ तब रह पाती...
    कितना कुछ तुमसे कहना था,
    जो मेरी ख़ामोशी तुम पढ़ पाती,... more »

  • मेरी मासूमियत

    वक़्त फिसल गया मुट्ठी से,
    वो दूर मुझसे जाता रहा.
    काश! रोक पाता उसे,
    मैं रोता रहा, वो मुस्कुराता रहा...... more »

  • याद

    जब कोई चोट तुम्हे पहुंचाता होगा,
    कुछ याद तुम्हे भी आता होगा,
    सुना है यादों से लगाव तुम्हे है,
    कभी मेरे अन्दर तो देख,... more »

  • वफ़ा

    सुना था की की वफ़ा मिलती नहीं
    आसानी से अब यहाँ.
    सोचा, चलो खोज आते हैं,
    शायद मिल जाये कहीं मुझे ही.... more »

  • साहिब बुरा मान गए

    पूछते थे हमेशा मुझसे,
    वो शक्शियत अपनी,
    जो आज आइना दिखाया,
    तो साहिब बुरा मान गए.... more »

  • हिंदुस्तान न देखा

    मंदिर देखा, मस्जिद देखा,
    राम, इशा, रहमान ना देखा,
    इंसानों की इस बस्ती में,
    सदियों से कोई इन्सान न देखा.... more »