Writing from the shores of Arabian Sea!

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Shubham Praveen Poems

हो इतनी सुन्दर की

हो वो इतनी सुन्दर की आँखों से परख ना उसकी हो पाए,
हो इतनी जवान की बुढ़ापा न कभी छू पाए,

हो वो इतनी सुन्दर के,... more »

चाँदिनी में फिर भीगी हुई है रात।

चाँदिनी में फिर भीगी हुई है रात,
उन्मुक्त गगन में ज्यादा निखरी हुई है रात,
ख़ुशी में झूम रहे है इसके सरे चाहने वाले..
पेड़, पहाड़ नदियाँ और तालाब।... more »

She Silently!

I was lost in the dark,
when shyly she sparked.
lighted the heart,
with the story she embarked.... more »

Shubham Praveen Quotes

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