Talab ... Poems

कभी वो हम पर मेहरबान होते हैं

कभी वो हम पर मेहरबान होते हैं
कभी पत्थरों के दिल ज़बान होते हैं

मिले इक आसरा तो जी लेते चार दिन... more »

तुझे भी लोगों ने सताया तो होगा

तुझे भी लोगों ने सताया तो होगा
तुझसे भी बिछड़ा कोई साया तो होगा

नए अंदाज़ में सुनाकर दास्ताँ अपनी... more »

क्या पीता हूँ मय मुझे पीती है

क्या पीता हूँ मय मुझे पीती है
ये प्यास जब तक ना बुझे पीती है

अमी है ये ना आब ए ज़म ज़म साकी... more »

Talab ... Quotes

Comments about Talab ...

There is no comment submitted by members.