VIKRANT JOSHI Poems

तेरा शाम को टहलना याद है

तेरा शाम को टहलना याद है,
तुझे देख‌ दिल का बहलना याद है,
यूं तो फुंक-फुंक कर कदम रखाते थे हम,
पर तेरी चाल पर दिल का फिसलना याद है,... more »

VIKRANT JOSHI Quotes

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